2017 में सुप्रीम कोर्ट के 25 ऐतिहासिक फैसले

1. महिलाओं को प्यार करने और अस्वीकार करने का अधिकार :-
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, एएम खानविलकर और मोहन एम शंतानागौदर की पीठ ने एक लड़की को परेशान करने और छेड़छाड़ के कारण आत्महत्या के लिए बाध्य किए जाने के जुर्म में सजा पाए एक आरोपी की अपील की सुनवाई करते हुए कहा, “हमें बाध्य होकर इस बात पर सोचना पड़ रहा है और इसकी चर्चा करनी पड़ रही है कि इस देश में महिलाओं को शांति से क्यों नहीं रहने दिया जाता और उनको मर्यादापूर्ण स्वतंत्र जिंदगी क्यों नहीं जीने दी जाती। उसकी अपनी निजी इच्छा है और इसको क़ानून ने स्वीकार किया है। इसको सामाजिक आदर मिलना चाहिए। कोई भी व्यक्ति किसी महिला को प्यार करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। उसको इसे नकारने का पूरा अधिकार है।

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